*पत्रकार हूँ मैं
ना जीवन की परवाह , ना मृत्यु का भय ।
सत्य के पथ पर चलता, सदा मैं निर्भय ।
क़लम और कैमरे को ,बनाकर हथियार ।
नित करता ,समाज की बुराइयों पर वार।
दर्पण बनकर समाज का ,मानव को दिखलाता ।
ना मेरी दिवाली होती ,ना मैं ईद मनाता ।
ख़तरा कितना भी हो चाहे ,वही पहुँच जाता ।
हर एक घटना को तुम तक सीधे ले आता।
कभी होते हास्य व्यंग्य ,कभी रसेपी बतलाता ।
कभी राजनीति तो कभी ,आंदोलन भी दिखलाता ।
कलमकार बनकर, मैं ऐसे क़लम चलाता ।
ना मैं हिंदू ना मैं मुस्लिम ,ना मैं सिख कहलाता ।
कभी ज़हर तो कभी गालियाँ, कभी काँटा बन जाता ।
बुराइयों के दलदल में ,जब मैं तीर चलाता ।
वर्जनाओं से डरकर ,कभी नहीं मुँह छिपाता ।
निर्भयता से अपने पथ पर ,मैं तो चलते जाता ।
तानो बानो के शब्दों की बौछार हूँ मैं ,
जी जनाब ख़ूब पहचाना पत्रकार हूँ मैं।
उपमा शर्मा ( प्रभारी प्रधानाध्यापिका )
क० पू० मा० वि० लिलौन , ब्लॉक :शामली
जनपद : शामली ।
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