-------------------
सन 1965 से नर्स के सेवाभाव और उनके समर्पण को सम्मान देते हुए प्रतिवर्ष पूरी दुनिया में यह दिवस मनाया जाता है ।अस्पताल में रोगियों या पीड़ितों की सेवा करने के लिए नर्सें होती हैं जब किसी मरीज को किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो बेशक डॉक्टर उन्हें इलाज के लिए दवाइयां लिखता है लेकिन बिना नर्सों की सेवा भाव के मरीज कभी भी सहज नहीं हो पाता है। पूरी दुनिया में कोरोना से लड़ने में इनकी और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की बड़ी भूमिका है।
नर्सिग दुनिया का सबसे ज्यादा सेवामयी पेशा है। क्योंकि, वह स्नेह और दुलार से रोगी की देखभाल करती है। स्वास्थ्य के प्रति नर्सो का योगदान कम नहीं है। हमारी चिकित्सा प्रणाली के लचीलेपन की सहजता को मजबूत बनाने में नर्सिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिस प्रकार एक मां अपने बीमार बच्चे की देखभाल करती है, ठीक उसी प्रकार नर्स मां के रूप में काम करती है। बस फर्क इतना है कि उन्हें मां की जगह सिस्टर कहने का प्रचलन है। एक नर्स मरीज की शारीरिक पीड़ा को अच्छी तरह समझ कर उन्हें बीमारियों से लड़ने का एक मानसिक जज्बा भी देती हैं। कोरोना जैसी महामारी जहां लोग सतर्क है वहीं नर्स दिन रात मरीजों की सेवा करती है। ऐसे ही कुछ नाइट ड्यूटी करने वाली नर्स अपनी नींद उड़ाकर मरीजों की देखभाल करती है । स्वास्थ्य सुविधाओं में दिन-रात लगी महिलाओं को विशेष माना जाना चाइए । वास्तव में जो सम्मान एक नर्स को मिलना चाइए वो प्राप्त नहीं कर पाती । अभी कुछ घटनाए भी शर्मसार करने वाली घटित हुई जिसमें नर्स के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।इस बार 12मई को स्वास्थ्य क्षेत्र में लगी इन महिलाओं को सम्मान देना हमारा कर्तव्य है ।इसी साल दुनिया के सभी प्रमुख देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नर्सो की भूमिका के लिए 2020 को नर्सों और मिडवाइफ के वर्ष के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया था। 2020 फ्लोरेंस नाइटिगेल के जन्म का दो सौ वां साल भी होगा। इस कारण से भी इस वर्ष को नर्स और मिडवाइफ वर्ष के रुप में मनाए जाने का महत्व बढ़ गया है
सन 1965 से नर्स के सेवाभाव और उनके समर्पण को सम्मान देते हुए प्रतिवर्ष पूरी दुनिया में यह दिवस मनाया जाता है ।अस्पताल में रोगियों या पीड़ितों की सेवा करने के लिए नर्सें होती हैं जब किसी मरीज को किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो बेशक डॉक्टर उन्हें इलाज के लिए दवाइयां लिखता है लेकिन बिना नर्सों की सेवा भाव के मरीज कभी भी सहज नहीं हो पाता है। पूरी दुनिया में कोरोना से लड़ने में इनकी और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की बड़ी भूमिका है।
नर्सिग दुनिया का सबसे ज्यादा सेवामयी पेशा है। क्योंकि, वह स्नेह और दुलार से रोगी की देखभाल करती है। स्वास्थ्य के प्रति नर्सो का योगदान कम नहीं है। हमारी चिकित्सा प्रणाली के लचीलेपन की सहजता को मजबूत बनाने में नर्सिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिस प्रकार एक मां अपने बीमार बच्चे की देखभाल करती है, ठीक उसी प्रकार नर्स मां के रूप में काम करती है। बस फर्क इतना है कि उन्हें मां की जगह सिस्टर कहने का प्रचलन है। एक नर्स मरीज की शारीरिक पीड़ा को अच्छी तरह समझ कर उन्हें बीमारियों से लड़ने का एक मानसिक जज्बा भी देती हैं। कोरोना जैसी महामारी जहां लोग सतर्क है वहीं नर्स दिन रात मरीजों की सेवा करती है। ऐसे ही कुछ नाइट ड्यूटी करने वाली नर्स अपनी नींद उड़ाकर मरीजों की देखभाल करती है । स्वास्थ्य सुविधाओं में दिन-रात लगी महिलाओं को विशेष माना जाना चाइए । वास्तव में जो सम्मान एक नर्स को मिलना चाइए वो प्राप्त नहीं कर पाती । अभी कुछ घटनाए भी शर्मसार करने वाली घटित हुई जिसमें नर्स के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।इस बार 12मई को स्वास्थ्य क्षेत्र में लगी इन महिलाओं को सम्मान देना हमारा कर्तव्य है ।इसी साल दुनिया के सभी प्रमुख देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नर्सो की भूमिका के लिए 2020 को नर्सों और मिडवाइफ के वर्ष के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया था। 2020 फ्लोरेंस नाइटिगेल के जन्म का दो सौ वां साल भी होगा। इस कारण से भी इस वर्ष को नर्स और मिडवाइफ वर्ष के रुप में मनाए जाने का महत्व बढ़ गया है
Comments
Post a Comment